एक अनोखी गाथा – स्वतंत्रता !!!

घिरा हुआ था उज्ज्वल गगन

अब उन श्याम घनों से,

बिखर गए थे मोती सारे भारत की अखंड माला के !

कदम रख लिए थे उन्होंने

भारत की पावन धरा पर

प्रारम्भ किया खेल अपना

गोरों ने काली सीरत से !!

 

Continue reading “एक अनोखी गाथा – स्वतंत्रता !!!”

नानी!❤️👵

Featured

भानूदय की आभा ने स्याही-सा तिमिर भगाया!

उस दिन मेरी नानी ने एक नन्हीं परी को पाया।

मुस्कान जो खिली उस चेहरे पर,

अम्बर भी तब मुस्का दिया Continue reading “नानी!❤️👵”

गुहार एक माँ की …

निर्मल नदियों की माला पहने
धारण कर जीवनदायी वृक्षों के गहने,
थी कभी तू ऐसी माँ
फिर किसने बदला यह खूबसूरत समां ?

Continue reading “गुहार एक माँ की …”

सर्वहारा वर्ग

अश्रु बहे इन आँखों से तब
उन कोमल हाथों को देखा जब,
लीन थे अपने कार्य में वे
घिरे हुए पटाखों के ढेर से,
कटे पिटे थे उनके हाथ!
कर दो कृपा उनपर हे नाथ!!!

Continue reading “सर्वहारा वर्ग”